बिल गेट्स

लोग पूछते है कि आप कोरोना में बिल गेट्स के पीछे ही क्यो पड़े हो,
भाई क्या करूँ जिस कोरोना से जुड़ी जिस महत्वपूर्ण चीज की गहराई में जाओ हर उस बेसिक चीज की गहराई में बिल गेट्स निकल आते है ......

वैक्सीन के पीछे बिल गेट्स कितनी फंडिंग कर रहे है यह सबको पता है, वह कितने व्यग्र है यह भी साफ नजर आ रहा है
WHO को अमेरिका से भी ज्यादा फंडिंग करने वाले बिल गेट्स ओर उनके द्वारा समर्थित संगठन है, यह भी अब ओपन ट्रूथ है, सारे देश कोरोना के मामले में WHO के निर्देशों का ही पालन कर रहे हैं

कोरोना की दवाई रेमडीसीवीयर के पीछे भी बिल गेट्स है जिसे अब भारत मे अनुमति मिलने वाली है यह भी आपको बता चुका हूँ.......

अब अगर मै आपको कहूँ कि दुनिया भर में जिन किट्स से इन वायरस की पहचान की जा रही है उन किट्स का निर्माण करने वाली कम्पनियों के पीछे भी बिल गेट्स है तो आप क्या कहँगे?

जब ICMR से जुड़े RT PCR किट्स से जुड़े घोटाले की खोजबीन कर रहा था तब मैंने उन लिंक्स को खंगालना शुरू किया जिसमें भारत में पहली बार प्राइवेट लैब्स की जाँच को अनुमति देने की बात की गयी
यह तो शुरू से ही साफ था कि भारत की कोई भी लैब्स खुद तो वो प्रॉब्स (केमिकल) उत्पादित नही करती थी दरअसल इन इस टेस्ट मे दो चीज लगती है पहली है प्राइमर ओर दूसरी प्रोब्स, सरकारी लैब्स प्राइमर को खुद तैयार कर सकती थी पर जिनसे नोवेल कोरोना वायरस की पुष्टि हो सके,वो प्रोब्स हमे बाहर से ही मंगाने पड़ते थे

अमरीकी फर्म थर्मो फिशर साइंटिफिक और स्विस कंपनी रोशे डायग्नोस्टिक्स की किट्स का इस्तेमाल आईसीएमआर कर रही थी

18 मार्च 2020 को भारत की ICMR ने एक प्राइवेट कंपनी Roche Diagnostic को COVID19 डायग्नोस्टिक टेस्ट कराने का लाइसेंस दे दिया दरअसल उसे 13 मार्च को ही अमेरिकी खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) की ओर से आपातकालीन स्वीकृति मिली थी, रोशे ही उन प्रोब्स का उत्पादन करती है जो इस टेस्ट में आवश्यक है रोशे दुनिया की सबसे बड़ी बायोटेक कंपनी है. इस कम्पनी में बिल गेट्स का बड़ा निवेश बताया जाता है

बिल गेट्स के गेट्स फाउंडेशन ने जब दुनियाभर में कोरोना वायरस से लड़ने में मदद के लिए 10 करोड़ डॉलर देने का एलान किया था तब उन्होंने बताया था कि गेट्स फाउंडेशन फार्मास्युटिकल और टीके बनाने वाले लैब के साथ साथ डायग्नोस्टिक्स पर भी काम कर रहा है।........

रोशे दरअसल भारत मे उन टेस्ट किट्स की आपूर्ति कर रही थी जो प्राइवेट लैब्स को कोरोना टेस्ट के लिए काम आ रहे थे पर समस्या उनकी कीमत के साथ थी

इसके साथ ही एक अननोन कम्पनी कोसारा डायग्नोस्टिक को किट निर्माण की अनुमति मिली यह अंबालाल साराभाई की सहायक और कोडायग्नोस्टिक्स का संयुक्त उद्यम कोसारा डायग्नोस्टिक्स गुजरात की मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक कंपनी थी जिसमे भी अमेरिकन पार्टनरशिप की बात सामने आई थी लेकिन वह बाद में ICMR के स्थापित दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं कर पायी

इसके बाद दो भारतीय डायग्नोस्टिक कंपनियों भी RT PCR टेस्ट किट्स बनाने के लिए आगे आई............. ये थी ट्रिविट्रॉन हेल्थकेयर और मायलैब डिस्कवरी सॉल्यूशन, इन्होंने भी कोरोना वायरस टेस्ट किट निर्माण की मंजूरी मांगी थी जो इन्हें मिल गयी माय लैब के आरटी-पीसीआर टेस्टिंग किट को इंडियन काउंसिल फ़ॉर मेडिकल रिसर्च ने हरी झंडी दे दी थी

मायलैब ने आश्चर्य जनक रूप से 26 मार्च को कोरोना वायरस की पहली टेस्टिंग किट बाजार में उतार दी. इसका नाम Patho Detect था इसकी मूल क़ीमत 1200 रु रखी गई लेकिन ICMR द्वारा इस किट का इस्तेमाल कर संदिग्ध मरीजो की टेस्टिंग के 4500 रु वसूलने का लाइसेंस प्राइवेट लैब्स को दिया गया जो कालांतर में बहुत बड़ा घोटाला साबित होने जा रहा है

ट्रिविट्रॉन हेल्थकेयर भी सस्ती थी पर वह चीन समर्थित कम्पनी थी इस लिए उसके माल को सपोर्ट नही किया गया लेकिन माय लैब की उड़कर लगी थी माय लैब के माल को हाथों हाथ लिया गया

माय लैब पुणे की कम्पनी थी अब ग़जब की बात सुनिए उसकी किट मार्केट में उतरते ही एक हफ्ते के अंदर उसके अंदर पुणे के सीरम इंस्टिट्यूट के मालिक अदार पूनावाला द्वारा निवेश किया गया और साथ ही महाराष्ट्र के सकाल ग्रुप के मालिक अभिजीत पवार द्वारा भी बड़ा निवेश किया गया

1 अप्रैल 2020 को खबर आई कि पुणे स्थित डायग्नोस्टिक कंपनी मायलैब डिस्कवरी सॉल्यूशन ने कहा है कि उसने सीरम इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला और एपी ग्लोबेल के चेयरमैन अभिजीत पवार के साथ साझेदारी की है, ताकि कोविड-19 परीक्षण किट की तेजी से आपूर्ति की जा सके।

माय लैब इस टेस्ट किट के बनाने के पहले एड्स की टेस्टिंग किट उत्पादित करती थी अब एड्स का ब्रांड एम्बेसडर तो पूरी दुनिया मे एक ही शख्स है वो है बिल गेट्स साथ ही सीरम इंस्टिट्यूट जो दुनिया की टीके बनाने वाली सबसे बड़ी संस्था है उसके भी बिल गेट्स से रिश्ते बहुत मधुर है

यानी कोरोना की RT PCR किट्स बनाने वाली विदेशी कम्पनी रोशे डायग्नोस्टिक का भी बिल गेट्स कनेक्शन ओर देशी कम्पनी माय लैब डायग्नोस्टिक का भी बिल गेट्स कनेक्शन .........वैक्सीन भी वही बनाए, दवाई भी वही बनाए और वायरस जांचने वाली किट्स भी वही बनाए, ओर उसके बाद भी सब उसे फिलॉन्थ्रोपिस्ट कहे ?, परोपकारी कहे ?

तो भाई साहब आप ही उसे परोपकारी माने हम तो नही मानते

Comments

Popular posts from this blog

HUZOOR SALLALLAHUALAIHIWASALLAM KI ZAHIR ZINDIGAI ME OR WAFAAT KE BAAD WASILA KA SABOOT

KANZUL IMAN V/S OTHER TRANSLATION

अरबी मुल्कों की कारस्तानी और हम