रूस की कोरोना वैक्सीन

अब वैक्सीन तो छोड़िए अब प्लेसिबो इफेक्ट ही काम कर जाएगा ......आप एक व्यक्ति को एक हद तक ही डरा सकते हो WHO ने अब वह हद पार कर ली है अब वह कह है कि विश्व मे कोरोना की स्थिति बद से बदतर होती जा रहे है, कोरोना संक्रमण के नए मामले पहले की तुलना में अब ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं, अब वो पुराने दिन लौटने से रहे....

WHO का बस यूरोप अमेरिका और दक्षिण एशिया के देशों में ही चलता है, न चीन ने उसके कोरोना से सम्बंधित निर्देशों को गंभीरता से लिया, न ही रशिया ने बल्कि रशिया ने तो दुनिया की पहली कोरोना वेक्सीन बनाने का दावा भी पेश कर दिया, उसे इस कोरोना वेक्सीन के लिए बिल गेट्स लॉबी के ठप्पे की जरूरत भी नही है, जैसे हमको पड़ रही है, जबकि यहाँ भारत में हमारे पास वैक्सीन निर्माण से लेकर उत्पादन ओर डिस्ट्रीब्यूशन तक की यानी हर तरह की फेसेलिटी उपलब्ध है लेकिन हम बात बात में WHO का मुँह देखने को मजबूर है हमारे प्रधानमंत्री मोदी गाहे बगाहे बिल गेट्स से गलबहियां करते पाए जाते हैं, हम रूस जैसा कड़ा निर्णय लेने में सक्षम नही है

आप यह भी देखिए कि रूस ने न तो पहले ट्रायल के बारे में कुछ बताया न दूसरे ह्यूमन ट्रायल के बारे में, उसने सीधे ये घोषणा कर दी कि हमने  सफल वैक्सीन का निर्माण कर लिया है न हमे अमेरिकी वैक्सीन की जरूरत है न WHO के ठप्पे की.......

रूस द्वारा वेक्सीन बना लेने की इस घोषणा का सीधा मतलब यह है कि विश्व राजनीति में कोरोना को जिस तरह से राजनीतिक हथियार बना कर इस्तेमाल किये जा रहा है रूस इस खेल को अच्छी तरह से समझ गया है पुतिन 2036 तक रशिया के राष्ट्रपति बने रहेंगे जैसे ही यह खबर आई उसके तुरन्त बाद ही रशिया में कोरोना मरीजो की संख्या में बढ़ोतरी होना बंद हो गयी और मौतों की संख्या पर तो वह शुरू से कंट्रोल रखे हुए है 7 लाख केस में मौतें सिर्फ 11 हजार हुई है प्रतिदिन वहां अब सिर्फ सौ सवा सौ ही मौतें हो रही है जबकि भारत मे प्रतिदिन मौत आंकड़ा 500 के आसपास है..…....

अब यह वेक्सीन बनने की खबर आ गयी है, यानी रशिया को जितना खेल खेलना था वह खेल चुका है और अब टोटल कंट्रोल की तैयारी कर रहा है, वह अपनी जनता को वेक्सीन लगाएगा ओर दावा करेगा कि अब हमारे यहाँ कोरोना नही है

जैसे ही रूस की वेक्सीन वाली खबर आई है  WHO फिर सामने आकर जनता को डराने में जुट गया  वो वो ये काम शुरू से कर रहा है.......

ओर ये जो आप पढ़ रहे हैं ये कोई कांस्पिरेसी थ्योरी नही है यही सच्चाई है क्योंकि WHO ने भी कुछ ही दिन पहले यह स्वीकार किया है कि कोरोना की मोर्टिलिटी रेट मात्र एक प्रतिशत ही है और 80 प्रतिशत मरीज बिना किसी इलाज के घर पर ही ठीक हो रहे हैं

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