कोरोना या न्यूमोनिया

भारत मे कोरोना के महत्वपूर्ण पक्ष को समझने के लिए एक बार यह पोस्ट पढ़िए.......
भारत में मौत का 7वां प्रमुख कारण है डायबिटीज, आज भारत में हर साल 10 लाख से ज्यादा लोग डायबिटीज के शिकार होकर मर रहे हैं. अब एक बात समझ लीजिए ...भारत में दर्ज होने वाली मौत के कारणों में 1990 तक डायबिटीज शामिल नहीं था, तो क्या इसका मतलब है कि 1990 तक डायबिटीज से मौतें नही होती थी?

अब लगे हाथ मुझे सिर्फ एक बात बता दीजिए कि कोरोना के अतिरिक्त और भी गंभीर बीमारियां है इन 6 महीनो में उन बीमारियों का क्या हुआ ?
क्या लोगो को हार्ट डिसीज नही हो रही है
हार्ट अटैक से मौतें होना बंद हो गयी,
क्या टाइफाइड से मौतें बन्द हो गई ,
क्या केंसर के नए पेशेंट इन 6 महीनों में नही बढ़े होंगे
केंसर से मौतों नही हो रही होगी?
क्या अस्थमा उतना घातक नही रहा है,
क्या अस्थमा से मौतें नही हो रही होगी?
मलेरिया तो भारत की सबसे बड़ी बीमारी मानी जाती है
उसकी मौतों का आंकड़ा क्या है ?
ओर भी मौसमी बीमारियां होती है चिकनगुनिया डेंगू आदि जो बिगड़ जाने पर घातक सिद्ध होती है उनकी क्या स्थिति है ?
टीबी तो संक्रामक बीमारियों में सबसे ज्यादा घातक है कोविड 19 से पाँच गुना ज्यादा उसका मोर्टिलिटी रेट है....
क्या भारत के लोगों को टीबी नही हो रही है ?
निमोनिया की क्या हालत है इंडिया में ?
एक मजे की बात यह भी है कि 31 दिसम्बर से पहले चीन में कोविड 19 से हुई मौतों को निमोनिया के खाते में ही दर्ज किया गया था
तो क्या अब निमोनिया का ही नया नाम कोविड -19 है
चिढिए मत सिर्फ पूछ रहा हूँ ?
अच्छा, इन्फ्लूएंजा भी एक बीमारी होती है उससे भी मौतें हुई होगी वो कहा है?
एक ओर बीमारी होती है सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (SARI) कोरोना संक्रमण के लक्षण SARI के मरीज़ से काफ़ी मिलते जुलते हैं.
उससे भी तो मौतें हुई होगी न?

अब कोरोना पर आते है जैसा कि हम जानते हैं कि यह एक वायरस है क्या यह वायरस इन बीमारियों जितना ही घातक है ?.... जवाब है नही !......
सहज बुद्धि से अनुमान लगाया जा सकता है कि इन सारी बीमारियों के मरीज तो अस्पताल में आज भी आ रहे होंगे ओर इन मरीजो को इम्युनिटी सिस्टम बीमारियों के कारण कमजोर हो ही गया होगा.......
कोरोना वायरस कमजोर इम्यूनिटी वालो को आसानी से अपनी जकड़ में ले लेता है ओर चूंकि हस्पताल में भर्ती होने वाले हर मरीज की कोरोना टेस्टिंग कम्पलसरी है इसलिए अधिकांश यही दूसरी बीमारियों के मरीज कोरोना पॉजिटिव निकल रहे हैं
उपरोक्त बीमारियों के बहुत से मरीज हस्पतालों में उचित देखभाल नही किये जाने से भी मर रहे है ऐसे सैकड़ो उदाहरण हमारे सामने है..........अब बहुत से मरीजो के साथ हो यह रहा है कि कोरोना पॉजिटिव आने के कारण उनकी मौत मूल बीमारी के बजाए कोरोना के खाते में दर्ज की जा रही है .........ओर ऐसा अनंत काल तक चलेगा क्योकि यह वायरस कही जाने वाला तो है नही ?.........
कोरोना एक संक्रामक बीमारी है इससे हम बिल्कुल इनकार नही कर रहे लेकिन उपरोक्त तथ्यों पर भी एक बार विचार कीजिएगा..........

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